पूरे देश में 7 मई को मॉक ड्रिल का आयोजन

पूरे देश में 7 मई को मॉक ड्रिल का आयोजन

रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई राज्यों से प्रभावी नागरिक सुरक्षा के लिए बुधवार को मॉक ड्रिल करने को कहा है। जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन और हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को प्रशिक्षण देना शामिल है।

सूत्रों ने कहा कि उपायों में क्रैश ब्लैकआउट उपाय, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को जल्दी छिपाने का प्रावधान और निकासी योजना को अपडेट करना और उसका पूर्वाभ्यास भी शामिल है।आम नागरिकों, छात्रों आदि को ट्रेनिंग देना- हमले की स्थिति में खुद को कैसे सुरक्षित रखें। ब्लैकआउट की तत्काल व्यवस्था- रात में रोशनी छिपाने की तैयारी। जरूरी प्रतिष्ठानों और संयंत्रों की समय रहते कैमोफ्लाज व्यवस्था।

इवैक्युएशन प्लान की समीक्षा और उसका रिहर्सल। बता दें कि देश में पिछली बार ऐसी मॉक ड्रिल 1971 में हुई थी। तब भारत और पाकिस्‍तान के बीच युद्ध हुआ था। यह मॉक ड्रिल युद्ध के दौरान हुई थी।

हवाई हमले से बचाव की चेकलिस्ट मोबाइल में सेव करके रखें।

1. अलर्ट और सतर्कता
* एयर रैड सायरन की आवाज़ पहचानें
* मोबाइल या रेडियो पर सरकारी अलर्ट सुनें
* अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें।

2. सुरक्षित स्थान (शरणस्थल)
* निकटतम बंकर या शरणस्थल की जानकारी रखें
* अपने घर में मजबूत, बिना खिड़की वाला कमरा तैयार रखें
* शरणस्थल तक जल्दी पहुँचने का रास्ता पहले से तय करें

3. जरूरी वस्तुएँ तैयार रखें
* पीने का पानी (कम से कम 3 दिन का)
* सूखा भोजन (बिस्किट, ड्राई फ्रूट्स आदि)
* प्राथमिक चिकित्सा किट
* टॉर्च और एक्स्ट्रा सेल
* पोर्टेबल रेडियो
* जरूरी दस्तावेज़ (ID, मेडिकल रिपोर्ट, बैंक डिटेल्स)
* मोबाइल चार्जर / पावर बैंक

4. अंधेरा और सुरक्षा
* रात में सभी लाइटें बंद रखें (ब्लैकआउट)
* खिड़कियों पर मोटे पर्दे, काले कागज़ या ब्लाइंड लगाएँ
* शीशे से दूर रहें, ज़मीन पर लेट जाएँ

5. अभ्यास और तैयारी
* परिवार के साथ हवाई हमले की ड्रिल करें
* बच्चों को सुरक्षित स्थान और प्रक्रिया सिखाएँ
* पड़ोसियों के साथ आपसी सहयोग सुनिश्चित करें

6. हमले के बाद क्या करें
* बाहर तभी निकलें जब सरकारी निर्देश मिले
* घायल हों तो प्राथमिक उपचार करें
* संदिग्ध वस्तु या बम दिखे तो छुए नहीं — पुलिस को सूचित करें।

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