उत्तराखंड में भ्रष्टाचार का अड्डा बना रुद्रप्रयाग नगर पालिका
नवक्रान्ति समाचार
नगर पालिका परिषद रुद्रप्रयाग के अधिशाषी अधिकारी सुनील सिंह राणा एवं रुद्रप्रयाग नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत द्वारा नियमों को ताक में रख कर नियम के विरूद्ध लगभग 50 लाख के विद्युत सामग्री की सप्लाई का आदेश बिना किसी निविदा के माध्यम से अपनी चहेती तीन कम्पनियो को दे दिए गए। जिसमें महाराज जी ट्रेडर्स , सकलानी इलेक्ट्रॉनिक, शिव ट्रेडिंग कंपनी को दे दिया गया। प्रशासक कार्यकल में तत्कालिन SDM और अधिशाषी अधिकारी सुनील सिंह राणा द्वार नगर पालिका के नियमो के विरूद्ध करोड़ो रूपये की निविदा सिर्फ लोकल पेपर के माध्यम से निकली गई। जबकी नगर पालिका के पास जेम पोर्टल की सुविधा उपलब्ध थी और पहले भी नगर पालिका द्वारा जेम पोर्टल से समान्य क्रय किया गया था किंतु जानबूझकर अपनी चहेती कम्पनियो से समान खरीदने के लिए पेपर के माध्यम से निविदा करवा गई। तीनो कम्पनियो की मिलीभगत से नगर पालिका के हॉल में ही मिलजुल कर सभी सामग्री के मूल्य बाजार मूल्य से अधिक डाले गए और नगर पालिका के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा उनकी सह में हो रहे भ्रष्टाचार को खुली छूट दी गई।
उत्तराखंड सरकारी खरीदारी नियम 2017 के शासनादेश संख्या 103/xxvii(7)32/2007 T.C. अनुसार किसी भी सामग्री के लिए ओपन अखबार या ई टेंडर निविधा तब निकाली जाती है। जब वह सामग्री जेम पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हो जबकि विभाग के पास जेम पोर्टल उपलब्ध होने के बावजूद भी ओपन निविदा करवाई गई और लाखों रुपए की सप्लाई का आदेश अपनी चहेती कम्पनी को दे दिया गया। और हद तो तब पार हुई जब वर्तमान में वही भ्रष्टाचार सुनील सिंह राणा एवं नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा दोबारा से किया गया और गुपचुप तरीके से बीना निविदा के पुराने टेंडर के आधार पर 50 लाख से अधिक के सप्लाई आदेश दिए गए जिसमें बाजार में 4 गुना उच्च दरों पर समान उक्त कम्पनियो द्वारा खरीदा गया।
जिसमें 6000 ₹ का विद्युत पोल 35000/-25 रुपए मीटर की केबल 200 ₹ प्रति मीटर से भी अधिक मूल्य पर खरीदा गया इसी प्रकार अन्य सामग्री भी चार गुना अधिक मूल्य पर खरीदी गई।
संतोष रावत और प्रभारी अधिशाषी अधिकारी की इस मिली भगत को ख़तम कर इस निविदा और समस्त कार्यदेशो को निरस्त किया जाए साथ ही दोषियो से वसूली की जाए और भविष्य में समस्त सप्लाई जेम पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार करवाया जाए।
वैसे तो नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत इमानदारी का ढिंढोरा पीटते हैं और खुद भ्रष्टाचार को खुले आम अपनी नगर पालिका में कर रहे हैं। भ्रष्टाचार विरोधी जैसे आदर्श व्यक्ति बॉबी पवार ग्रुप के समर्थित ग्रुप के निर्दली अध्यक्ष भ्रष्टाचार खत्म करने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और मौका मिलते ही भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी।

