उत्तरकाशी का स्यानाचट्टी जलमग्न, ग्रामीणों ने झील में उतरकर किया प्रदर्शन
नवक्रान्ति समाचार
उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यान चट्टी में मलबे से बनी झील को लेकर शुक्रवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। नाराज ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, झील की ओर कूच कर गए और आधे पानी में उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि 29 जून को ही प्रशासन को झील बनने की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही से संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने मांग की कि झील को तत्काल खाली कराया जाए ताकि निचले इलाकों पर मंडरा रहा खतरा टल सके।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा — “स्थानीय लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन द्वारा सभी सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। मलबे से बनी कृत्रिम झील को खोलने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, झील को सुरक्षित तरीके से खाली कराया जाएगा।”
प्रशासन की ओर से बताया गया कि झील की ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है और हर स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
झील के पानी में उतरे लोग, लगाए नारे

