‘प्रोजेक्ट स्नेह’ से बालिकाओं को मिलेगा सुरक्षा, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास का संबल

‘प्रोजेक्ट स्नेह’ से बालिकाओं को मिलेगा सुरक्षा, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास का संबल

 रुद्रप्रयाग /नवक्रान्ति समाचार 

जनपद रुद्रप्रयाग में किशोरियों एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि तथा उनकी समस्याओं के संवेदनशील एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अभिनव पहल “प्रोजेक्ट स्नेह” का शुभारंभ आज विकासखंड सभागार अगस्त्यमुनि से किया गया। इस अवसर पर विकासखंड सभागार अगस्त्यमुनि में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत प्रोजेक्ट स्नेह S- Safety N- Nurturing E- Empower H- Help के संबंध में एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शासकीय अशासकीय तथा निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, शिक्षिकाओं तथा जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित करने, उनकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझने तथा उन्हें उचित परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए एक सशक्त तंत्र विकसित करना रहा। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रभावी काउंसलिंग, किशोरावस्था की चुनौतियों, मनोवैज्ञानिक व्यवहार, गोपनीयता बनाए रखने, बाल संरक्षण तथा संवाद कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि अनेक बार किशोरियां अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक अथवा पारिवारिक समस्याओं को संकोच, भय अथवा विश्वास की कमी के कारण अपने परिजनों या शिक्षकों के साथ साझा नहीं कर पाती हैं। ऐसे में “प्रोजेक्ट स्नेह” उन्हें एक सुरक्षित, विश्वासपूर्ण एवं सकारात्मक मंच उपलब्ध कराएगा, जहां वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकेंगी और विशेषज्ञों से आवश्यक मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग प्राप्त कर सकेंगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को करियर मार्गदर्शन, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन, स्वास्थ्य एवं पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, महिला एवं बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, लैंगिक संवेदनशीलता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विशेष रूप से साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास निर्माण तथा बालिकाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। प्रतिभागियों को बताया गया कि विद्यालय स्तर पर बालिकाओं के साथ विश्वास का वातावरण बनाना इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी।

अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बहु-विभागीय टीम का गठन किया जाएगा। इस टीम में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे। यह टीम जनपद रुद्रप्रयाग के समस्त विद्यालयों एवं स्नातकोत्तर कॉलेजों में जाकर बालिकाओं से संवाद स्थापित करेगी, उनकी समस्याओं को गोपनीयता के साथ सुनेगी तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के समन्वय से समाधान सुनिश्चित करेगी।

प्रोजेक्ट स्नेह का संचालन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में विद्यालयों एवं स्नातकोत्तर कॉलेजों में पहुंचकर बालिकाओं से संवाद स्थापित किया जाएगा तथा आवश्यक काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाएगी। द्वितीय चरण में प्राप्त समस्याओं का विश्लेषण कर उनके मूल कारणों की पहचान की जाएगी तथा विभागीय समन्वय से समाधान की रणनीति तैयार की जाएगी। तृतीय चरण में अभियान का विस्तार विद्यालयों से आगे बढ़ाकर ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों एवं बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि “प्रोजेक्ट स्नेह केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि बालिकाओं के विश्वास, सुरक्षा, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन का एक संवेदनशील प्रयास है। हमारा लक्ष्य है कि जनपद की कोई भी बालिका स्वयं को अकेला, असुरक्षित या असहाय महसूस न करे। प्रत्येक बालिका को अपनी बात कहने, सुने जाने और समय पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त करने का पूरा अधिकार है, और जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।”

उन्होंने सभी विभागों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से भी इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने तथा बालिकाओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

इस दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा प्रारंभ किए गए ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान को कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले प्रधानाचार्यों का भी उत्साहपूर्ण सहयोग मिला। उन्होंने अभियान के समर्थन में 140 पुस्तकें जिलाधिकारी को भेंट कीं। इस अभिनव पहल की सराहना मा० मुख्यमंत्री द्वारा भी की गई है जिनके द्वारा स्वयं भी 150 पुस्तकें दान कर अभियान को प्रोत्साहन दिया गया है। अब तक अभियान के अंतर्गत लगभग 500 पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं। निर्धारित 1,000 पुस्तकों का लक्ष्य शीघ्र पूर्ण होने की उम्मीद है, जिससे जनपद के पुस्तकालय को समृद्ध एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकों से सशक्त बनाया जा सकेगा।

प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, एसीएमओ डॉ. सीमा टेकचंदानी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अखिलेश मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रभारी रंजना गैरोला भट्ट, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी साहित शिक्षक उपस्थित रहे।