नगर पंचायत अगस्त्यमुनि में नोडल अधिकारियों संग हुई PDNA बैठक
- प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति के उपरान्त भारत सरकार की टीम ने किया पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट (PDNA)
- अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करने पहुंची भारत सरकार की PDNA टीम
- भविष्य की पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण योजनाओं हेतु जुटाए गए विभागवार आंकड़े
अगस्त्यमुनि/ नवक्रान्ति समाचार
मानसून सत्र 2025 के दौरान जनपद रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण विभिन्न विभागीय एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को व्यापक क्षति हुई। आपदा से हुई क्षति का समग्र आकलन एवं आवश्यकताओं के निर्धारण हेतु भारत सरकार की Post Disaster Need Assessment (PDNA) टीम आज रुद्रप्रयाग पहुंची।

नगर पंचायत सभागार अगस्त्यमुनि में आयोजित बैठक में PDNA टीम ने जनपद स्तर पर नामित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित क्षति एवं आवश्यकताओं की जानकारी टीम को उपलब्ध कराई।
टीम द्वारा विभागवार प्रस्तुत आंकड़ों एवं तथ्यों का संकलन किया गया, जिसे आगामी कार्यवाही हेतु भारत सरकार को प्रेषित किया जाएगा। इस आकलन के आधार पर भविष्य की पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं आपदा प्रबंधन योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
जनपद प्रशासन द्वारा PDNA टीम को आपदा से प्रभावित क्षेत्रों एवं विभागवार स्थिति की समस्त जानकारी प्रदान की गई तथा यह भी अवगत कराया गया कि आपदा के कारण जहां एक ओर भौतिक संरचनाओं को भारी नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है।
टीम के सदस्य डॉयरेक्टर ULMMC डॉ. शांतनु सरकर, चीफ साइंटिस्ट डॉ. डीपी कानूनगो, असिस्टेंट प्रोफेसर आईआईटी रुड़की रूपम शुक्ला, प्रेम सिंह नेगी असिस्टेंट इंजीनियर ULMMC, डॉ अशोक ठाकुर NDMA, रानू चौहान NDMA
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राम प्रकाश, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, लोनिवि ऊखीमठ ललित कुमार, रीप बीके भट्ट, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ आशीष रावत, पेयजल निगम नवल कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

