दर्दनाक सड़क हादसे में प्रशासन की तत्परता ने बचाई 8 जिंदगियाँ, 4 घायलों को हेली एम्बुलेंस से भेजा एम्स ऋषिकेश

दर्दनाक सड़क हादसे में प्रशासन की तत्परता ने बचाई 8 जिंदगियाँ, 4 घायलों को हेली एम्बुलेंस से भेजा एम्स ऋषिकेश

  • रेस्क्यू अभियान में जुटी SDRF, NDRF और जल पुलिस, डीडीआरएफ की टीमें, 3 शव बरामद, लापता 9 लोगों की खोज जारी
  • दुर्घटना के कारणों की गहराई से हो रही जांच,कोतवाली में मुकदमा किया गया दर्ज

रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार

रुद्रप्रयाग जिले में आज एक बेहद दुखद और हृदयविदारक बस दुर्घटना घटी, जब रुद्रप्रयाग से लगभग 12 किलोमीटर आगे घोलतीर के पास एक 31-सीटर बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और राहत व बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर शुरू किया गया। बस में कुल 20 लोग सवार थे। हादसे के दौरान 8 लोग बस से छिटककर बाहर गिर गए थे, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू किया गया। इनमें से चार गंभीर घायलों को हेली एम्बुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जबकि अन्य चार का इलाज जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में चल रहा है।

जैसे ही हादसे की सूचना कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई, जिला प्रशासन ने तत्काल SDRF, NDRF, DDRF, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर रवाना कर दीं। प्रशासन की तत्परता का ही परिणाम रहा कि कई जिंदगियों को समय रहते बचाया जा सका। राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न हो, इसके लिए मौके पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।वहीं, अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं और शेष 9 लापता व्यक्तियों की खोजबीन का कार्य जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढ़ा जा सके।

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वाहन चालक की लापरवाही तथा संभावित तकनीकी खराबी को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली रुद्रप्रयाग में भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है।

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