ग्रामोत्थान परियोजना: जलवायु अनुकूल कृषि (CSA) प्रशिक्षण ने किसानों को दी नई दिशा
रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार
रुद्रप्रयाग जिले के नारी सतेराखाल में स्थित उन्नति सीएलएफ में दो दिवसीय जलवायु अनुकूल कृषि (CSA) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 29 और 30 अगस्त 2025 को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामोत्थान परियोजना के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रभावी कृषि तकनीकों से अवगत कराना था।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य:
किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए नई और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देना था। इसके साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने के नए तरीके, सिंचाई के नवीनतम विधियाँ, और बीजों की लाइन सोइंग जैसी प्रगतिशील विधियों का परिचय भी कराया गया।
प्रशिक्षण शिविर में किसानों को विभिन्न कृषि तकनीकों के महत्व और उपयोग के बारे में बताया गया, जैसे कि खाद, बीज, सिंचाई के नए तरीके, और कीटनाशकों का सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया गया साथ ही जल संकट को ध्यान में रखते हुए, किसानों को सिंचाई के पर्यावरण-अनुकूल और नवीन तरीकों के बारे में समझाया गया, ताकि जल संसाधनों का संरक्षण किया जा सके, बीजों की लाइन सोइंग विधि से किसानों को अधिक पैदावार प्राप्त करने का तरीका बताया गया। इस विधि से बीजों का सही तरीके से उपयोग होता है, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ती है।इसके साथ ही विभिन्न सफल किसानों के अनुभवों को वीडियो के माध्यम से साझा किया गया, ताकि नए तरीकों को अपनाने के लिए अन्य किसानों को प्रेरणा मिल सके।
यह प्रशिक्षण न केवल किसानों के लिए कृषि उत्पादन में सुधार का अवसर लाया, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अरुण चौधरी (सहायक प्रबंधक – मूल्य श्रृंखला), प्रतीक्षा बिष्ट (आजीविका समन्वयक), सूरज एवं गीता पैलड़ा (मास्टर ट्रेनर), अरुण कुमार (DEO) ने किसानों को प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा, ग्रामोत्थान परियोजना की जिला परियोजना प्रबंधन इकाई के पंकज डोभाल (सहायक प्रबंधक मूल्यांकन एवं अनुश्रवण), ममता मेहरा (सहायक प्रबंधक सेल्स), और नवीन चंद्र पांडे (सहायक प्रबंधक संस्थाएं एवं सामाजिक समावेश) भी उपस्थित रहे।

