6 माह की चंडिका दिवारा यात्रा का गृह (घरया) दिवारा जारी
फलासी / चोपता / नवक्रान्ति समाचार
तुंगेश्वर मंदिर समिति द्वारा 6 माह की चंडिका दिवारा यात्रा का आयोजन शुरू होने के बाद गृह (घरया) दिवारा यात्रा की जा रही है। इसके चलते देवी स्वरूप प्रतीक चिन्ह (ब्रह्मा ठंगुरु) फलासी गांव के प्रत्येक घर में दिवारा कर कुशल क्षेम पूछ रही है।

रविवार को देवी ने फलासी गांव में भक्तों को दर्शन दिए। देवी के घर पहुंचे पर ग्रामीण महिलाएं भावुक होती नजर आई। वहीं ग्रामीणों ने देवी के आगमन पर जय चंडिका मां के जयकारे लगाए। कुछ ग्रामीणों ने अपने घर में देवी के साथ चल रहे श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी की। जबकि देवी ने सोमवार को फलासी गांव के निवासी मोहन सिंह जगवान के आवास पर किया। इसके बाद देवी मंगलवार को पुनः फ़लासी गांव में दिवारा यात्रा शुरू की। जबकि आगामी दिनों में देवी निशाण स्थानीय तोकों में ही यात्रा करेगी। जबकि आगामी जनवरी माह में देवी उत्तर यात्रा (केदार यात्रा) को निकलेगी। चंडिका देवी की वैदिक पूजा अर्चना आचार्य जगदंबा प्रसाद बेंजवाल द्वारा आयोजित की जा रही है।

अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह बर्तात्वाल ने बताया कि पंचकोटी के गांवों द्वारा दिवारा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसके चलते पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशाओं की यात्रा की जा रही है। सभी पंचकोटी के ग्रामीण आपसी समन्वय के साथ इस देव यात्रा को संपन्न कराने में जुटे हुए हैं। प्रबंधक कल्याण सिंह नेगी ने बताया कि 23 नवम्बर को देवी की प्राण प्रतिष्ठा की गई। जिसके बाद विधिविधान के साथ देवी ने सभी भक्तों को दर्शन दिए। इसके बाद अग्रिम प्रक्रियाएं शुरू हुई। उपाध्यक्ष दलबीर सिंह राणा ने बताया कि इस यात्रा में युवाओं का भरपूर साथ मिल रहा है। सभी ग्रामीण एकजुटता के साथ धार्मिक अनुष्ठान में जुट हुए हैं।
सचिव पूरण सिंह खत्री ने बताया कि पंच कोटि के ब्राह्मणों द्वारा इस कार्य में विधिविधान से पौराणिक परंपराओं के आधार पूजा अर्चना की जा रही है। सह सचिव मगन सिंह नेगी ने बताया कि एक माह पूर्व से एरवालो और बलद्यो को अभ्यास कराया जाता है। जिसके बाद देवी के ब्रह्म निशान को एरवालो द्वारा चलाया जाता है। जिन्हें छ माह तक देवी के साथ ही रहना पड़ता है। इस दौरान कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, रणजीत सिंह करासी, कुंवर सिंह करासी सही अन्य लोग उपस्थित रहे।

