तल्ला नागपुर की पेयजल समस्याओं के निदान हेतु सफेद हाथी सिद्ध हो रही है रामपुर पंपिंग योजना
चोपता / नवक्रान्ति समाचार
वर्ष 2010 में 37 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति के साथ 6 वर्षों बाद 2016 में निर्मित रामपुर पंपिंग योजना से बोरा एवं मयकोटि में दो टैंकों से जलापूर्ति की जाती है। निर्माण के बाद इसके संरक्षण एवं वितरण के लिए ग्राम पेयजल समिति गठित की गई थी जिसमें इस समिति के द्वारा ही बिल बिल प्राप्त होते थे। इस समिति का कार्यकाल मात्र 3 वर्ष ही रहा इसके बाद जल संस्थान ने इसे अधिग्रहित किया अब आलम यह है कि संस्थान द्वारा माह में केवल 15 दिन ही पानी सप्लाई हो रही है। इन 15 दिनों में भी कभी बिजली न होना या कभी गाद भर जाने का बहाना विभाग लगता है। बोरा गांव निवासी प्रेम सिंह गुसांई का कहना है। हमें विभाग को दो-दो बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है एक रामपुर स्कीम का वह दूसरा तुम नाथ पेयजल योजना का इसके बावजूद भी हमें पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 60 गांव को इस योजना का लाभ मिलना था लेकिन पंपिंग योजना के लिए विभाग एक जनरेटर तक नहीं खरीद पा रहा है आए दिन बिजली का रोना रोया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस स्कीम से आधे रास्ते तक निर्वात जल आपूर्ति है। लेकिन बोर के चुनागढ़ व मयकोटि के हरियाली में बने 10 को तक पानी मुश्किल से चढ़ाया जाता है जिससे आपूर्ति नहीं की जा रही है इसी गांव के निवासी जयपाल सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतने कम पानी से हमें मवेशियों को पालने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है यहां तो कोई अन्य प्राकृतिक शोध भी नहीं है जिससे हम उन्हें पर्याप्त पानी पिला सके या उनकी सफाई कर सके।

