एसबीआई आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा निःशुल्क सीसीटीवी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

एसबीआई आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा निःशुल्क सीसीटीवी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार 

भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) रुद्रप्रयाग में स्थानीय युवाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल के तहत निःशुल्क सीसीटीवी कैमरा अलार्म प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस 13 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन लीड बैंक अधिकारी अनूप सिंह और आरसेटी निदेशक किशन सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आरसेटी के प्रशिक्षक भूपेंद्र सिंह रावत और उत्साहित युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान करने और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में 18 से 45 वर्ष की आयु के युवक प्रतिभाग ले रहे हैं, जो स्वरोजगार शुरू करने या तकनीकी क्षेत्र में रोजगार की तलाश में हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉलेशन, अलार्म सिस्टम की स्थापना, वायरिंग तकनीक, मोबाइल कनेक्टिविटी, और सर्विलांस टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक विषयों पर गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

लीड बैंक अधिकारी अनूप सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बेरोजगारी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। है। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का प्रशिक्षण लेकर ग्रामीण युवक न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर बना सकता है, बल्कि अपने ग्रामीण क्षेत्र में भी इस तकनीक को बढ़ावा दे सकता है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल रुद्रप्रयाग के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में तकनीकी जागरूकता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आरसेटी रुद्रप्रयाग के निदेशक किशन सिंह रावत ने उद्घाटन समारोह में कहा, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और तकनीकी क्षेत्र में उनके कौशल को निखारने का एक अनूठा अवसर है। सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम की बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रशिक्षण युवाओं को बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएगा। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा संचालित आरसेटी संस्थान लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से संस्थान न केवल तकनीकी कौशल प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करता है। यह कार्यक्रम भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *