जखोली में निःशुल्क मोतियाबिंद शिविर आयोजित, 22 लोगों की जांच और 16 को दवाएं वितरित
रुद्रप्रयाग /नवक्रान्ति समाचार
राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रूद्रप्रयाग के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली में आयोजित निःशुल्क मोतियाबिंद शिविर में 22 के नेत्रों की जांच हुई, जिसमें से 09 ग्रामीणों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सीमा टेकचंदानी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली में आयोजित मोतियाबिंद शिविर में विवेकानंद नेत्रालय, रामकृष्ण मिशन आश्रम, किशनपुर देहरादून की स्वास्थ्य टीम द्वारा 12 पुरूष व 10 महिलाओं सहित कुल 22 लोगों के नेत्रों की जांच की, जिसमें से 05 पुरूष व 04 महिलाओं की आंखें मोतियाबिंद से ग्रसित मिली। जिनका देहरादून स्थिति विवेकानंद नेत्रालय में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाएगा। उन्हें विवेकानंद नेत्रालय रामकृष्ण मिशन आश्रम की टीम द्वारा रविवार को देहरादून ले जाया जाएगा।
शिविर में 16 ग्रामीणों को को दवा वितरित की गई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा टेकचंदानी ने बताया कि अगला निःशुल्क मोतियाबिंद शिविर के आगामी 05 सितंबर को ग्राम सभा मनसूना में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जनमानस से इन निःशुल्क शिविरों का लाभ प्राप्त करने की अपील करते हुए बताया कि उक्त शिविरों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र की आशा फेसिलिटेटर व आशा कार्यकत्री से संपर्क कर सकते हैं।
इस मौके पर आगामी 08 सितंबर तक मनाए जा रहे नेत्रदान पखवाड़े के तहत आयोजित जागरूकता सत्र में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा0 खुशपाल द्वारा नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेत्र के एक हिस्से कार्निया का प्रत्यारोपण कर नेत्रहीन के जीवन को रोशन किया जा सकता है, लेकिन दुर्भाग्य से कार्निया की भारी कमी है। नेत्रदान नेक कार्य है और इसके माध्यम से ही नेत्रहीनों को दृष्टि का अमूल्य उपहार दिया जा सकता है। बताया कि नेत्रदान मृत्यु के बाद होता है और आंख 6 से 8 घंटे के बीच ली जानी होती है, नेत्रदान लेने के लिए चिकित्सक द्वारा स्वयं घर जाकर नेत्र निकाले जाते हैं जो कि निःशुल्क होते हैं, किसी भी उम्र का कोई भी व्यक्ति मृत्यु से पूर्व स्वंय की मृत्यु होने पर नेत्रदान की प्रतीज्ञा कर सकता है, जरूरी बात यह है कि उसकी आंख की कार्निया साफ और स्वस्थ होनी चाहिए। मधुमेह का रोगी भी नेत्र दान कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा जीवन में नेत्रदान की घोषणा न की गई हो तो भी नेत्रदान किया जा सकता है उसके किसी भी संबंधी को नेत्रदान का अधिकार है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन लोग पुनः दुनिया देख सकते हैं।
उन्होंने नेत्र सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए वर्ष में एक बार नेत्र विशेषज्ञ से अपने नेत्रों की जांच अवश्य करवाने, बच्चों को नुकीली वस्तुओं क खिलौनो से दूर रखने, आई फ्लू होने पर नेत्र विशेषज्ञों से परामर्श लेने व चिकित्सकीय परामर्श के बगैर कोई दवा न लेने की अपील की गई व बताया गया कि कि नेत्रदान से संबंधित जानकारी के लिए हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
मोतियाबिंद शिविर में सेवा प्रदान करने वालों में विवेकानंद नेत्रालय, रामकृष्ण मिशन आश्रम, किशनपुर देहरादून के दृष्टिमितिज्ञ हनुमंत सिंह पंवार, राकेश कुंवर आदि मौजूद रहे।

