कुंडा दानकोट में विधिक जागरूकता शिविर, दहेज, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध पर किया जागरूक

कुंडा दानकोट में विधिक जागरूकता शिविर, दहेज, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध पर किया जागरूक

रुद्रप्रयाग / नवक्रांति समाचार 

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं माननीय अध्यक्ष महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश, रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन तथा सचिव महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती पायल सिंह की अध्यक्षता में आज जनपद रुद्रप्रयाग के कुंडा दानकोट में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दहेज प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम एवं बच्चों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना तथा ग्रामीणों को उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था। जिसके तहत दहेज प्रतिषेध, घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम एवं बाल सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

शिविर में ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए सचिव महोदया श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए अभिभावकों की सजगता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की दिनचर्या, उनकी मित्र मंडली और डिजिटल गतिविधियों के बारे में लगातार जानकारी रखें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार के मानसिक या शारीरिक खतरे से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना ही उन्हें अपराध और भटकाव से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर जोर देते हुए दहेज प्रतिषेध अधिनियम और घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दहेज की मांग करना या किसी भी रूप में घरेलू हिंसा करना कानूनन गंभीर अपराध है। इसके साथ ही बढ़ते साइबर क्राइम पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को अनजान नंबरों से सतर्क रहने, ओटीपी शेयर न करने तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया।

उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अक्सर लोग न्यायालयी प्रक्रिया के खर्च एवं अधिवक्ताओं की फीस के भय से अन्याय सहते रहते हैं, किन्तु अब आर्थिक अभाव किसी भी गरीब, महिला, वरिष्ठ नागरिक अथवा वंचित वर्ग के व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं रख सकता। डीएलएसए का उद्देश्य प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक नि:शुल्क विधिक सहायता पहुँचाना है। इसके अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं तथा लोक अदालतों के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित निस्तारण किया जाता है।

इस दौरान आयोजित कानूनी चौपाल में ग्रामीणों ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी समस्याएँ सचिव महोदया के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर ही विधिक परामर्श देकर निस्तारण किया गया। शिविर में रिटेनर अधिवक्ता यशोदा खत्री एवं सहायक अधिवक्ता देवेंद्र बिष्ट द्वारा भी उपस्थित जनसमूह को कानून के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।