तल्लानागपुर के चोपता-फलासी में भक्ति का महासंगम, महा बन्याथ के सातवें दिन उमड़ा जनसैलाब

तल्लानागपुर के चोपता-फलासी में भक्ति का महासंगम, महा बन्याथ के सातवें दिन उमड़ा जनसैलाब

रुद्रप्रयाग /नवक्रान्ति समाचार 

25 साल बाद हो रहे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह, जल कलश यात्रा को लेकर गांव-गांव में तैयारी

तल्लानागपुर क्षेत्र के चोपता-फलासी में आयोजित महा बन्याथ इन दिनों आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र बना हुआ है। करीब 25 वर्षों के अंतराल के बाद हो रहे इस विशेष धार्मिक आयोजन में सातवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरा इलाका देवी भक्ति में डूबा नजर आ रहा है।

दूरस्थ गांवों और क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने यज्ञ में भाग लेकर आहुति अर्पित की और देवी के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर द्वारिका पीठ के शंकराचार्य राजराजेश्वरानन्द महाराज की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ा दी। उनके साथ कुलदीप रावत भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

अपने संबोधन में शंकराचार्य महाराज ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं और लोगों को संस्कृति व धर्म से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम स्थल पर महिलाएं पारंपरिक परिधानों में भजन-कीर्तन करती नजर आईं, जिससे वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया।

यज्ञशाला में वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराई गई हैं।

आगामी जल कलश यात्रा को लेकर भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस यात्रा में सैकड़ों कन्याएं सिर पर कलश लेकर विभिन्न मार्गों से यज्ञ स्थल तक पहुंचेंगी। इसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

तुंगेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल ने बताया कि यह यात्रा आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं सचिव पूर्ण सिंह खत्री ने कहा कि इतने वर्षों बाद हो रहा यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा दे रहा है।

समापन की ओर अग्रसर इस महा आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, जो लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है। आयोजकों ने सभी से जल कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल हो सके।