देवलीभणी में जन संवाद-जनता दरबार, ग्रामीणों की 25 शिकायतें मिलीं, 9 का मौके पर समाधान

देवलीभणी में जन संवाद-जनता दरबार, ग्रामीणों की 25 शिकायतें मिलीं, 9 का मौके पर समाधान

 रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार

जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को ऊखीमठ विकासखंड की ग्राम पंचायत देवलीभणी ग्राम में जन संवाद-जनता दरबार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य विभिन्न विभागों के ग्राम स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पंचायती राज, ग्राम्य विकास, बाल विकास, सेवायोजन, वन विभाग, कृषि विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनके सवालों के जवाब दिए।

जिला सेवा योजना अधिकारी सुशील चंद्र चमोली ने बताया कि शिविर के दौरान कुल 25 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 9 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित हैं, जिन्हें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।

शिविर में गुप्तकाशी बसुकेदार मोटर मार्ग से ग्राम पंचायत के संपर्क मार्ग के समुचित अनुरक्षण न होने पर ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराए जाने के उपरांत भी सड़क की समुचित मरम्मत नहीं की गई है। इसके साथ-साथ ग्राम पंचायत की अनुसूचित जाति बस्ती सिरवाडी संपर्क मार्ग का निर्माण न किए जाने पर अत्यधिक गहरा रोष व्यक्त किया गया। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि समय रहते यदि अनुसूचित जाति बस्ती को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण नहीं किया जाता है तो वह आगामी चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे।

सड़क निर्माण के संदर्भ में मौके पर से ही लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि सिरवाडी संपर्क मार्ग पूर्व में जिला योजना से स्वीकृत था परंतु सड़क निर्माण का कार्य जिला योजना से संभव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों द्वारा उच्च स्तर से अथवा अन्य योजना अंतर्गत सड़क निर्माण की मांग की है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार की मंशा है कि जनता की समस्याएं उनके द्वार पर ही सुनी और हल की जाएं।

शिविर में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रार्थना पत्र सौंपे। सेवायोजन विभाग के अनुदेशक किशन रावत, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी धर्मेंद्र बिष्ट, वन विभाग के वन दरोगा, कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, ग्रामीण विकास विभाग के ग्राम स्तरीय कर्मचारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण तथा जनप्रतिनिधीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।