नगरासू गुरुद्वारा विवाद गहराया: दूसरे दिन भी निहंगों का कब्जा, इंटरनेट सेवाएं ठप
रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार
रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में शनिवार शाम से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद पंजाब से आए सात निहंगों ने गुरुद्वारे में जबरन डेरा डाल लिया, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटे हैं। खुद पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल रेंज मौके पर पहुंचे हैं और हालात को सामान्य बनाने के प्रयास कर रहे हैं।

रविवार सुबह रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा निहंगों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन निहंगों ने वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया। इससे पहले पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर भी दो चरणों में उनसे बातचीत कर चुकी थीं, मगर कोई समाधान नहीं निकल सका।
गुरुद्वारे में प्रवेश पर दी चेतावनी
गुरुद्वारे से जुड़े लोगों के अनुसार, निहंगों ने परिसर में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश का विरोध करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। बताया गया कि उन्होंने आसपास के लोगों को भी गुरुद्वारे से दूर रहने को कहा। सेवादारों का आरोप है कि बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों को भी धमकी दी गई। कहा कि, गुरुद्वारे में घुसे तो काट देंगे।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने गुरुद्वारे के आसपास लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक बंद कर दी हैं। यह क्षेत्र हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित होने के कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
सेवादारों ने खुद को विवाद से अलग बताया
गुरुद्वारे के सेवादारों का कहना है कि उनका कार्य केवल सेवा और लंगर संचालन तक सीमित है और उनका विवाद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को बंधक बनाए जाने की बात सामने आई, उनकी पहचान तक उन्हें नहीं मालूम।
सेवादारों के अनुसार, प्रशासन ने निहंगों को बातचीत के लिए नीचे आने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। साथ ही प्रशासन से यह मांग भी की गई है कि हिरासत में लिए गए लोगों (निहंगों) के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज न किया जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक पंजाब भेजा जाए।
*बंधक बनाए जाने की सूचना से बढ़ी चिंता*
शनिवार देर शाम हालात उस समय और गंभीर हो गए, जब दो लोगों को बंधक बनाए जाने की सूचना सामने आई। बाद में एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया, जबकि एक सेवादार को कुछ समय तक रोके रखे जाने की बात कही गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया।
*आईटीबीपी की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी*
तनाव बढ़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मांग की गई, जिसके बाद आईटीबीपी की टीम भी मौके पर पहुंची। सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी के बाद हालात को नियंत्रित करने में मदद मिली। हालांकि, क्षेत्र में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।
गुरुद्वारे और आसपास के इलाकों में पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 163 लागू
घटना के मद्देनजर चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। प्रशासन के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंधात्मक व्यवस्था 27 जून तक प्रभावी रहेगी।

