वित्तीय साक्षरता पर रुद्रप्रयाग में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

वित्तीय साक्षरता पर रुद्रप्रयाग में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

अधिकारियों को वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के गुर सिखाए

रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार 

सरकार द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावशाली बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जनपद में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनपद स्तरीय अधिकारियों की वित्तीय समझ को सुदृढ़ करना और उन्हें समकालीन वित्तीय प्रक्रियाओं से अवगत कराना था।कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विभागों में कार्यरत आहरण एवं वितरण अधिकारियों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं जैसे कि बजट निर्माण, व्यय नियंत्रण, सरकारी लेखांकन प्रणाली, ई-बिलिंग, जीआईएफएमएस, कोषागार संचालन, पेंशन प्रबंधन प्रणाली तथा वित्तीय जवाबदेही जैसे विषयों पर केंद्रित रहा।

प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को वित्तीय नियमावली, लेखा संहिताएं, व्यय की अनुमोदन प्रक्रिया और उनसे संबंधित नवीनतम शासनादेशों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला में व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से जटिल प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया गया।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता उप महालेखाकार (लेखा एवं वी एल सी) सुभाष चन्द्र ममगाई ने प्रतिभागियों को सरकारी वित्तीय तंत्र की कार्यशैली, लेखांकन प्रक्रिया और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित वित्तीय प्रणाली की कार्यविधि के बारे में गहन जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता किसी भी सरकारी विभाग की नींव बन चुकी है। ऐसे में अधिकारियों का वित्तीय रूप से सशक्त, जागरूक और तकनीकी रूप से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और समयानुकूल बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण न केवल अधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करते हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों के समुचित एवं पारदर्शी उपयोग को भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा यह कार्यशाला अधिकारियों को उनके दैनिक कार्यों को अधिक सुगमता एवं दक्षता से निष्पादित करने में मदद करेगी। साथ ही, इससे समयबद्ध कार्यान्वयन और वित्तीय उत्तरदायित्व को निभाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।

वरिष्ठ कोषाधिकारी चन्द्र प्रकाश सती ने आशा जताई कि भविष्य में इस प्रकार की वित्तीय साक्षरता कार्यशालाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली में सतत सुधार सुनिश्चित किया जा सके और सरकारी योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।आयोजित कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशिष घिल्डियाल, उपजिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, आहरण एवं वितरण अधिकारी मौजूद रहे।