हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में मनाई गई पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती

हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में मनाई गई पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती

नागनाथ पोखरी / नवक्रान्ति समाचार

हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नागनाथ पोखरी, जनपद चमोली में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रीता शर्मा ने की। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रेखा चमोली तथा सह-संयोजन डॉ. श्वेता रावत ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत उनके जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री तथा देश के गृह मंत्री के रूप में उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं प्रशासनिक दक्षता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने तथा जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था की स्थापना में अमूल्य योगदान दिया। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं लोकसेवा का अनुपम उदाहरण है।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्या डॉ. रीटा शर्मा ने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन, संवैधानिक आदर्शों तथा जनसेवा के उच्चतम प्रतिमानों के प्रतिनिधि थे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नैतिक नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उच्च शिक्षा संस्थानों का दायित्व केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, उत्तरदायी एवं संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है, जो संविधान के आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्ध हों। विद्यार्थियों को पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सत्यनिष्ठा, अनुशासन, परिश्रम, सामाजिक सरोकार एवं राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर आयोजित भाषण, निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा चमोली ने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्रसेवा, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के मुख्य शास्ता डॉ. शिवचंद सिंह रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत भारतीय राष्ट्रजीवन के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, अदम्य राष्ट्रनिष्ठा और लोककल्याणकारी दृष्टिकोण से भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। उनका जीवन सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता, सुशासन और जनसेवा का अनुपम आदर्श है। आज के युवाओं का दायित्व है कि वे उनके उच्च आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का पथप्रदर्शक बनाएं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र सायल एवं शिवम पंत तथा छात्राएँ निकिता, शिवानी एवं संतोषी ने भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने उनके आदर्शों, राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन एवं जनकल्याणकारी दृष्टिकोण को आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शाजिया सिद्दीकी, डॉ. कीर्ति गिल, डॉ. आरती रावत, डॉ. प्रियंका घिल्डियाल, डॉ. सोहानी, डॉ. अनुपम, डॉ. केवला नंद, श्री चन्द्रेश भट्ट, श्री गुलशन कुमार तथा श्री विजयपाल सहित समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन डॉ. प्रवीण मैठाणी द्वारा किया गया।