रुद्रप्रयाग पुलिस ने छात्रों को दिलाई नशामुक्त समाज की शपथ, साइबर अपराधों से बचने के बताए उपाय
रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार
देवभूमि उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने और बच्चों व युवाओं को साइबर अपराधों तथा मोबाइल के बढ़ते दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आज पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जनपद मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग में एक भव्य एवं गहन जन-जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का सफल नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग श्री मुकेश चौहान तथा प्रभारी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स रुद्रप्रयाग श्री जितेन्द्र कुमार की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों, अध्यापकों ने सहभागिता की गयी।
कार्यक्रम के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और पुलिस अधिकारियों ने नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विद्यार्थियों को स्मैक, चरस और प्रतिबंधित दवाओं जैसे मादक पदार्थों के घातक परिणामों के प्रति आगाह किया। पुलिस टीम ने बताया कि नशा किस तरह युवाओं के करियर, स्वास्थ्य और परिवारों को पूरी तरह तबाह कर देता है। जनपद में अवैध नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कठोर कानूनी कार्यवाही की जानकारी दी गई और युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। साथ ही, नशीली सामग्री की खरीद-बिक्री करने वाले असामाजिक तत्वों की गोपनीय सूचना पुलिस को देने की अपील की गई।
इसके साथ ही, डिजिटल युग में बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और उससे जुड़ी साइबर सुरक्षा पर अधिकारियों ने विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि अत्यधिक मोबाइल फोन का उपयोग न केवल उनकी पढ़ाई और मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है, बल्कि उन्हें साइबर अपराधियों के निशाने पर भी ला रहा है। गेमिंग ऐप के नाम पर होने वाले वित्तीय फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, साइबर बुलिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, लॉटरी-जॉब के झांसे और फर्जी डिजिटल अरेस्ट के कॉल्स जैसी ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। बच्चों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि वे मोबाइल का सीमित व सही उपयोग करें और कभी भी अनजान लोगों से ओटीपी, बैंक विवरण या निजी तस्वीरें साझा न करें।
कार्यक्रम के अंत में महिला एवं बाल अपराध नियंत्रण (पोक्सो एक्ट व बाल श्रम) के प्रति सजग रहने का संदेश देते हुए किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरन्त सहायता पाने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों 112 (आपातकालीन सेवा), 1930 (राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 1090 (महिला हेल्पलाइन) का उपयोग करने की विस्तृत जानकारी दी गई। रुद्रप्रयाग पुलिस ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य को नशा और साइबर अपराध के खतरे से बचाना पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और यह अभियान आगे भी निरन्तर जारी रहेगा।

