चिपको आंदोलन की सक्रिय कार्यकर्ता बचनी देवी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
रुद्रप्रयाग / नवक्रान्ति समाचार
प्रसिद्ध चिपको आंदोलन से जुड़ी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता बचनी देवी का आज निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही थीं।
बचनी देवी ने चिपको आंदोलन के दौरान जंगलों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया था। वे चिपको आंदोलन की प्रमुख नेता गौरा देवी के साथ मिलकर इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। दोनों ने मिलकर ग्रामीण महिलाओं को संगठित किया और पेड़ों की कटाई के खिलाफ सशक्त आवाज उठाई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बचनी देवी एक साहसी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व थीं। उनका जीवन समाज सेवा और प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
उनके निधन पर सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। कई स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
बचनी देवी के निधन से पर्यावरण आंदोलन को एक बड़ी क्षति हुई है, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

