देहरादून में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, अजबपुर से मियांवाला तक बनेगा 13 किमी एलिवेटेड हाईवे
देहरादून / रुद्रप्रयाग /नवक्रान्ति समाचार
राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। आशारोड़ी से मियांवाला तक प्रस्तावित एलिवेटेड हाईवे को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से शहर के व्यस्त हिस्सों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित योजना के तहत अजबसपुर से मियांवाला तक करीब 13 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे बनाया जाएगा। यह मार्ग रेलवे लाइन के समानांतर विकसित किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद सहारनपुर और हरिद्वार की ओर से देहरादून आने-जाने वाले वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी।
रिस्पना-जोगीवाला मार्ग पर जाम से राहत की उम्मीद
देहरादून में रिस्पना से जोगीवाला के बीच यातायात का दबाव लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। आशारोड़ी से आने वाला यातायात शहर में प्रवेश करने के बाद इसी क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति पैदा करता है। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर कई चौराहे और घनी आबादी होने के कारण वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है।
एलिवेटेड हाईवे बनने के बाद इस ट्रैफिक को वैकल्पिक और अपेक्षाकृत सुगम मार्ग मिलने की उम्मीद है। इससे शहर के भीतर वाहनों की संख्या कम करने और यात्रियों के समय की बचत में मदद मिल सकती है।
पुरानी सड़क के ऊपर से गुजरेगा एलिवेटेड मार्ग
परियोजना के तहत जोगीवाला से रिस्पना के बीच फ्लाईओवर बनाए जाने की योजना पर भी काम हुआ था, लेकिन जगह की कमी के कारण यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। अब प्रस्तावित एलिवेटेड हाईवे को पुरानी सड़क के ऊपर से ले जाने की योजना है।
अधिकारियों के मुताबिक, हाईवे का विस्तार आगे करीब चार किलोमीटर तक रेलवे लाइन के समानांतर होते हुए मोहकमपुर से मियांवाला तक किया जाएगा। इससे शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाले यातायात को वैकल्पिक कॉरिडोर मिल सकेगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
करीब 13 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद देहरादून में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ सहारनपुर और हरिद्वार की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
इसके बन जाने के बाद सहारनपुर और हरिद्वार की तरफ से आने वाले वाहन शहर के भीड़ वाले इलाके में घुसे बिना सीधे बाहर निकल जाएंगे।
फोरलेन के बाद भी जाम से नहीं मिली थी राहत
दरअसल, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे आशारोड़ी पर आकर समाप्त हो जाता है। उसके आगे फोरलेन सड़क होने के बावजूद दोनों तरफ घनी बस्ती और कई चौराहों की वजह से गाड़ियों की रफ्तार थम जाती है। सहारनपुर-हरिद्वार की तरफ से आने वाला ट्रैफिक सबसे ज्यादा रिस्पना से जोगीवाला के बीच ही अटकता है। देहरादून में दूरी कम है पर जाम के कारण सफर लंबा हो जाता है। रिस्पना से जोगीवाला और मियांवाला तक रोजाना लगने वाला जाम लोगों की दिनचर्या खराब कर रहा है।
पुरानी सड़क के ऊपर से गुजरेगा नया हाईवे
पहले जोगीवाला से रिस्पना के बीच एक फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया गया था, लेकिन जगह कम होने के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई। अब तय किया गया है कि नया एलिवेटेड हाईवे अजबपुर तक मौजूदा सड़क के ऊपर से जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इसके बाद यह लगभग चार किलोमीटर तक रेलवे लाइन के साथ-साथ मोहकमपुर होते हुए मियांवाला तक पहुंचेगा।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ सिंह ने जानकारी दी कि आशारोड़ी से मियांवाला तक एलिवेटेड हाईवे के लिए देहरादून में जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसकी DPR केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।
इन जगहों पर ली जाएगी जमीन
इस प्रोजेक्ट के लिए देहराखास, सेवला खुर्द, बद्रीपुर, ब्राह्मणवाला, माजरा, माजरी माफी, मोहब्बेवाला, मोहकमपुर खुर्द, शाहनगर, कारगी ग्रांट, अजबपुर कलां, अजबपुर खुर्द, चक अजबपुर खुर्द, चक शाहनगर और तालुक देहरादून समेत कई इलाकों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। NHAI अधिकारियों का कहना है कि देहरादून में जमीन मालिकों को मुआवजा देने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
छिद्दरवाला में फिलहाल रुका है काम
उधर, छिद्दरवाला में देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर बन रहा फ्लाईओवर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते फिलहाल रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने इसकी लोकेशन और अंडरपास को लेकर आपत्ति जताई थी। इस वजह से अभी हाईवे का ट्रैफिक सर्विस रोड से निकाला जा रहा है।
उत्तराखंड NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ सिंह ने बताया कि छिद्दरवाला चौराहे की ट्रैफिक लाइटें ठीक कर एक-दो दिन में हाईवे से आवाजाही फिर से शुरू करवाई जाएगी। ग्रामीणों से बातचीत और उनकी समस्याओं का हल निकलने के बाद निर्माण फिर से शुरू होगा। वहीं रायवाला में 550 मीटर लंबे फ्लाईओवर का काम कुंभ के बाद शुरू करने की योजना है।

